📢 सूचना दिनांक माघ बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पंचदिवसीय महायज्ञ विश्व के कल्याण के लिए मृत्युंजय मंदिर वाराणसी , में अनुष्ठान पूजन यज्ञ शुरू होगा. इस अनुष्ठान/यज्ञ में आप संस्था के सभी सदस्य/पदाधिकारी/आम जनमानस को प्रतिभाग लेने हेतु सादर आमंत्रण. "नोट: सभी आगंतुकों से अनुष्ठान के आयोजन एवं प्रस्तावित भंडारे में निज शक्ति के अनुसार सहयोग/दान संस्था के कोष में उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध" दान/सहयोग के बाद समिति के पर्ची अवश्य ले लेवें।!
॥ (पद्म पुराण) ॥ सानंद मानंद बने बसंत ॥ आनंद कंद हत पाप बृंदम ॥ रुद्रपुरी नाथं नाथ नाथम् ॥ श्री दुग्धनाथं शरणम प्रपद्ये ॥ दुग्धनाथ: कृत पूजा हंसकपुरी प्रदक्षिणा ॥ मनोवांछित फलं प्राप्य ब्रह्महत्या विवार्तितः ॥
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संस्था परिचय

श्री सदा शिव अनुष्ठान पूजन समिति, रजि० 01778 (सोसायटी एक्ट - 1860, उ०प्र०) रजि० - कार्यालय , रुद्रपुर धर्माथ उत्थान के प्रयासों हेतु समर्पित एक संस्था है. समिति एवं समिति के सदस्यों का एक मात्र प्रयास है कि आधुनिकता की चकाचौध में सनातन धर्म के जिनआदर्शों और मूल्यों को लोग भूलते जा रहें हैं उनकी पुनर्स्थापना करना. जिससे कि पुनः भारतवर्ष विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर हो सके. संस्था के उद्देश्य निम्नलिखित हैं...

  • सनातन धर्मं का प्रचार प्रसार करना।
  • संस्कृत भाषा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना।
  • समाज में फैले हुए कुरीतियों एवं अंधविश्वासों को दूर कर धर्म के वास्तविक स्वरूप का भान कराना।
  • गरीब कन्याओं का दहेज़ रहित सामूहिक विवाह कराना।
  • पर्यावरण के प्रति सचेत रहना तथा वृक्ष लगाना व् लगाने के लिए प्रेरित करना।
  • प्राकृतिक आपदा में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना व् समयोचित सहयोग करना व् लोगों को प्रेरित करना।
  • भारतवर्ष के विभिन्न हिन्दू धर्मस्थलों पर पर्वानुसार कार्यक्रम आयोजित करना।
  • गो सेवा व् गो वंश के रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना।
  • समाज में फैले जाती, उपजाति को ख़त्म कर के समभाव की स्थापना के लिए सदैव तत्पर रहना।
  • भगवान शिव शक्ति को सर्व समर्पित करते हुए प्रत्येक वर्ष अनुष्ठान व् यज्ञ का आयोजन करना जिसका उद्देश्य विश्व का कल्याण है।
  • सत्यम शिवम् सुन्दरम की अवधारणा को समिति परिवार अंतिम सत्य मानता है व् इसमें पूर्ण निष्ठा रखता है।
  • भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना व् परम्पराओं को सम्मान सहित आगे बढ़ाना।

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📜 संदेश / आगामी पूजन सूचना

सूचना: दिनांक माघ बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर पंचदिवसीय महायज्ञ विश्व के कल्याण हेतु मृत्युंजय मंदिर, वाराणसी में अनुष्ठान, पूजन एवं यज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा।

इस पावन अनुष्ठान / यज्ञ में संस्था के सभी सदस्य, पदाधिकारी एवं आम जनमानस को सादर आमंत्रित किया जाता है।

नोट: सभी आगंतुकों से विनम्र अनुरोध है कि अनुष्ठान के आयोजन एवं प्रस्तावित भंडारे हेतु अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग / दान संस्था के कोष में अवश्य प्रदान करें।

दान / सहयोग के पश्चात समिति की पर्ची अवश्य प्राप्त करें।
पूजन के लिए हमसे संपर्क करें

प्रबंध-कार्यकारिणी

Shri Kalraj Mishra

श्री दीपनारायण पाण्डेय

(अध्यक्ष)

Shri Kamalapati Tripathii

श्री तुलसीराम पांडे

(महामंत्री)

Shri Sujit Kumar

श्री शैलेन्द्र पाण्डेय

(कोषाध्यक्ष)

Shri Sujit Kumar

श्री धर्मवीर पांडे

(कार्यालय प्रभारी)

Shri Sujit Kumar

श्री भवानी शंकर शास्त्री

(प्रचार मंत्री,कुंडली विशेषज्ञ)

Profile

श्री अखिलेश पांडे

(संगठन मंत्री)

श्री देवीदीन पांडे

(प्रवक्ता)

श्री राहुल पांडे

(सलाहकार)

श्री बृजेश पांडे

(व्यवश्थापक)

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मंदिर परिचय

श्री दुग्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर अत्यंत ही प्राचीन मंदिर है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद मुख्यालय से तकरीबन 23 किमी दूर स्थित रुद्रपुर उपनगर, उपकाशी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर का इतिहास पुराना है। चार वर्ष पर लगने वाले अधिक मास पर इस धार्मिक स्थल का विशेष महत्व है। नीसक पत्थर से बने शिवलिंग को महाकालेश्वर उज्जैन का उपज्योर्तिलिंग माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग के स्पर्श मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं।

हमारे बारे में

हमारी संस्था एक सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जो सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों, भारतीय संस्कृति एवं मानवता की सेवा के उद्देश्य से कार्यरत है। हम मानते हैं कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सद्भाव और कल्याण की दिशा देने वाली पूर्ण जीवन-पद्धति है।

संस्था का उद्देश्य संस्कृत भाषा एवं वैदिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना, समाज में फैले अंधविश्वास एवं कुरीतियों को दूर करना तथा जाति-उपजाति के भेद से ऊपर उठकर समभाव एवं सामाजिक समरसता की स्थापना करना है।

निर्धन एवं असहाय कन्याओं के दहेज़-रहित सामूहिक विवाह, गो-सेवा एवं गो-वंश संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण तथा प्राकृतिक आपदाओं में सेवा एवं सहयोग प्रदान करना संस्था की प्रमुख गतिविधियाँ हैं।

भारतवर्ष के विभिन्न पवित्र धर्मस्थलों पर पर्व एवं विशेष अवसरों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस को अपनी संस्कृति से जोड़ना संस्था का निरंतर प्रयास है।

भगवान शिव-शक्ति को सर्वस्व समर्पित करते हुए प्रत्येक वर्ष अनुष्ठान एवं यज्ञों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य विश्व-कल्याण एवं शांति की स्थापना है। “सत्यम् शिवम् सुन्दरम्” संस्था परिवार का मूल दर्शन है।